नई दिल्ली। अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में दशकों पुरानी और पर्यटकों के बीच लोकप्रिय घोड़ा-बग्गी सवारियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के लिए न्यू यॉर्क सिटी काउंसिल ने एक ऐतिहासिक विधेयक पारित कर दिया है। इस नए कानून को ‘रोमांच लॉ’ नाम दिया गया है। यह कदम इस साल सेंट्रल पार्क में हुई एक दिल दहला देने वाली दुर्घटना के बाद उठाया गया है, जिसमें अपनी मां की जान बचाते समय 18 वर्षीय भारतीय पर्यटक रोमांच महाजन की दर्दनाक मौत हो गई थी।
पंजाब (पठानकोट) के रहने वाले 18 वर्षीय रोमाच महाजन अपनी मां के साथ सेंट्रल पार्क में घूम रहे थे। एक बेकाबू हुई घोड़ा-बग्गी के अनियंत्रित होने पर उन्होंने अपनी मां को तो बचा लिया, लेकिन इस दौरान उनके सिर पर गंभीर चोट लगी और अस्पताल में इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। इस दुखद हादसे ने शहर में बग्घी सवारियों की सुरक्षा और पशु क्रूरता पर नए सिरे से तीखी बहस छेड़ दी थी।
सिटी काउंसिल द्वारा पारित इस विधेयक के तहत जून 2028 तक न्यूयॉर्क शहर की सड़कों और पार्कों में घोड़ों द्वारा खींची जाने वाली बग्घियों के संचालन को पूरी तरह समाप्त कर दिया जाएगा। नए लाइसेंस जारी करने पर भी तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।
नए कानून में केवल घोड़ों के कल्याण का ही ध्यान नहीं रखा गया है, बल्कि बग्घी चलाने वाले चालकों और इस उद्योग से जुड़े कर्मचारियों के लिए ‘वर्कफॉर डेवलपमेंट प्रोग्राम’ भी शुरू किया जाएगा, ताकि वे अन्य रोजगार या इलेक्ट्रिक चालित विकल्पों में आसानी से शिफ्ट हो सकें।
न्यूयॉर्क के सेंट्रल पार्क में घोड़ों से खींची जाने वाली बग्घियां 19वीं सदी से ही पर्यटन का मुख्य आकर्षण रही हैं। हालांकि, कंक्रीट की गर्म सड़कों पर घोड़ों के बेहोश होकर गिरने, ट्रैफिक हादसों और पशु क्रूरता को लेकर पशु अधिकार कार्यकर्ता सालों से इस प्रथा पर बैन लगाने की मांग कर रहे थे।
इस ऐतिहासिक फैसले के साथ ही न्यूयॉर्क अब शिकागो, फिलाडेल्फिया और मॉन्ट्रियल जैसे दुनिया के उन प्रमुख शहरों की सूची में शामिल हो गया है, जिन्होंने बेज़ुबान जानवरों के कल्याण और सार्वजनिक सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पारंपरिक घोड़ा-बग्गी उद्योग को अलविदा कह दिया है।

