मध्य प्रदेश में दो आईपीएस अधिकारियों के तबादले, चंचल शेखर बने खेल एवं युवा कल्याण विभाग के संचालक

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भोपाल। मध्य प्रदेश गृह विभाग ने शनिवार को वरिष्ठ भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारियों के प्रभार में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए नई आदेश सूची जारी की है। जारी की गई एमपी आईपीएस तबादला सूची के अनुसार शासन ने दो वरिष्ठ अधिकारियों की नई पदस्थापना की है, जबकि तीन अन्य अधिकारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारियां सौंपी हैं। इस फेरबदल में सबसे प्रमुख नियुक्ति 1998 बैच के आईपीएस अधिकारी अंशुमन यादव की है, जिन्हें पुलिस मुख्यालय वापस बुलाते हुए प्रदेश के गुप्तवार्ता (इंटेलिजेंस) विभाग की कमान सौंपी गई है।

वरिष्ठ आईपीएस अंशुमन यादव इससे पहले खेल एवं युवा कल्याण विभाग में संचालक के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे थे। वर्तमान एडीजी इंटेलिजेंस ए. साईं मनोहर के 31 अगस्त को सेवानिवृत्त होने के बाद अंशुमन यादव यह अहम दायित्व संभालेंगे। इसके अतिरिक्त उन्हें पुलिस मुख्यालय में एडीजी साइबर का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। इस नियुक्ति से प्रदेश की सुरक्षा, खुफिया तंत्र और बढ़ते साइबर अपराधों की रोकथाम से जुड़ी दोनों महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां उनके अधीन रहेंगी।

आदेश के तहत 1995 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी चंचल शेखर को खेल एवं युवा कल्याण विभाग का नया संचालक नियुक्त किया गया है। चंचल शेखर इससे पहले अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, विशेष सशस्त्र बल (SAF) और एडीजी एसआईएसएफ (SISF) की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। शासन ने उन्हें पुलिस मुख्यालय की इन शाखाओं से कार्यमुक्त कर खेल विभाग के प्रशासनिक नेतृत्व की जिम्मेदारी सौंपी है।

विभाग द्वारा जारी सूची में वरिष्ठ अधिकारियों के अतिरिक्त प्रभार भी तय किए गए हैं। 1993 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अनिल कुमार, जो वर्तमान में विशेष पुलिस महानिदेशक (महिला सुरक्षा) के पद पर पदस्थ हैं, उन्हें अब स्पेशल डीजी, अजाक (अनुसूचित जाति कल्याण) का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है। वहीं 1997 बैच के आईपीएस अधिकारी डी. श्रीनिवास वर्मा, जो एडीजी नारकोटिक्स और एसटीएफ का दायित्व संभाल रहे हैं, उन्हें चंचल शेखर के स्थान पर एडीजी एसएएफ और एसआईएसएफ का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

गृह विभाग द्वारा किए गए इस प्रशासनिक पुनर्गठन का प्राथमिक उद्देश्य राज्य में कानून व्यवस्था, साइबर सुरक्षा और खुफिया इनपुट तंत्र को अधिक प्रभावी व चुस्त-दुरुस्त बनाना है। शीर्ष स्तर पर हुए इन बदलावों से विभिन्न शाखाओं के बीच समन्वय बेहतर होने और प्रशासनिक कार्यों में गति आने की उम्मीद है।

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