भोपाल। मध्य प्रदेश में शुरू हुई मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा को लेकर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने तंज कसा है। उनका आरोप है कि सरकार 10-10 साल पुरानी बसों को कबाड़खाने से निकालकर डेंटिंग-पेंटिंग कराकर सड़क पर उतार रही है और फिर इसे बड़ी उपलब्धि के रूप में प्रचारित किया जा रहा है।
दरअसल, राज्य में बेहतर कनेक्टिविटी के लिए मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा शुरू की है। इसके जरिए शहरी के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों को भी लाभ मिलेगा, यह दावा सरकार की ओर से किया गया है। वहीं, जीतू पटवारी ने कहा कि किसी भी नई सेवा की शुरुआत सकारात्मक सोच के साथ होना अच्छी बात है, लेकिन कुछ बसें शुरू करके उसे बड़ी उपलब्धि बताना और लगातार बड़े-बड़े आंकड़े गिनाना सिर्फ प्रचार का हिस्सा नहीं होना चाहिए।
पटवारी ने कहा कि सरकार को यह भी स्वीकार करना चाहिए कि मध्य प्रदेश में पिछले करीब 25 वर्षों से भाजपा की ही सरकार रही है। उन्होंने कहा कि यदि प्रदेश की परिवहन व्यवस्था में कमियां हैं तो उनकी जिम्मेदारी से सरकार बच नहीं सकती। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि सरकार और भाजपा से जुड़े लोग बसों के रंग को लेकर बहस कर रहे हैं, जबकि असली सवाल बसों की उम्र, फिटनेस, सुरक्षा और यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं का है।
उन्होंने कहा कि सिर्फ डेंटिंग-पेंटिंग और रंग बदलने से 10 साल पुरानी बस नई बस नहीं बन जाती। सरकार को जनता को यह बताना चाहिए कि सड़क पर उतारी जा रही बसों की वास्तविक स्थिति क्या है, उनकी फिटनेस कैसे सुनिश्चित की गई है और यात्रियों की सुरक्षा के लिए क्या इंतजाम किए गए हैं।
जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री की सुगम सेवा का जिक्र करते हुए कहा कि यदि यह सेवा समाप्त हुई है तो इसकी जिम्मेदारी भी पिछली भाजपा सरकार की नीतियों और फैसलों पर तय होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को नई शुरुआत का श्रेय लेने के साथ-साथ पुरानी व्यवस्था की विफलताओं की जिम्मेदारी भी स्वीकार करनी चाहिए।

