केतन अग्रवाल हत्याकांड: आरोपी सिया के वकील ने सबूतों पर उठाए सवाल, कहा-कस्टडी बढ़ाने का करेंगे विरोध

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नई दिल्ली। चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में आरोपी सिया गोयल का पक्ष रख रहे वकील आशुतोष श्रीवास्तव ने अपनी क्लाइंट का बचाव किया और सबूतों की मजबूती पर सवाल उठाए। पुलिस कस्टडी बढ़ाने का विरोध किया और कहा कि आरोपों को सही जांच और ट्रायल के जरिए साबित किया जाना चाहिए।

सिया और चेतन की पुलिस कस्टडी खत्म होने पर वकील आशुतोष श्रीवास्तव ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, “मेरी कोशिश रहेगी कि कस्टडी न बढ़े। आरोपी ने हर तरह से पुलिस का सहयोग किया है और सभी सवालों के जवाब दिए हैं। परिवार के सदस्यों ने भी अपना बयान दर्ज करवा दिया है। पुलिस को पूछताछ के लिए पर्याप्त समय मिल चुका है। आरोपी 20 साल की लड़की है, इसलिए मुझे लगता है कोर्ट भी इस पहलू को देखेगा और न्यायिक हिरासत में भेज देगा। इसके बाद हम कानूनी प्रक्रिया को बढ़ाएंगे।

सिया के भाई और उसके माता-पिता को भी पुलिस ने पूछताछ के लिए बुलाने पर वकील ने कहा, “उनसे जो सवाल पूछे गए, उसके जवाब दिए हैं, हालांकि मैं उसके परिवार के बारे में ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहता। हमारी रणनीति बस आरोपी के बचाव के हर पहलू को पेश करना और यह पक्का करना है कि उनका पक्ष अदालत के सामने रखा जाए।”

आशुतोष श्रीवास्तव ने कहा, “इस मामले में तथ्य कोई साफ संकेत नहीं देते। पहली नजर में ऐसा कोई बयान नहीं है जो हत्या की दिशा में इशारा करता हो। कुछ शक के अलावा मुझे इसमें ऐसा कुछ नहीं दिखता जो ऐसे नतीजे का समर्थन करता हो।”

सिया गोयल के वकील ने कहा, “मुझे यह मानना ​​बहुत अजीब लगता है कि इतने गंभीर आरोपों का सामना कर रही कोई आरोपी, उस व्यक्ति को जिसे वह कथित तौर पर मारना चाहती थी, चार बार उसी जगह ले जाएगी। यह बात मुझे मुमकिन नहीं लगता।”

सिया के वकील आशुतोष श्रीवास्तव ने कहा, “मैंने ऐसे मीम्स भी देखे हैं, जिनमें लोग कह रहे हैं, अपने जीवनसाथी के साथ पहाड़ी की चोटी पर न जाएं, क्योंकि आपको धक्का दिया जा सकता है, आपकी मौत हो सकती है, हो सकता है कि कोई सबूत भी न बचे। मैं इसे दुर्घटना के नजरिए से देखता हूं।”

आशुतोष श्रीवास्तव ने कहा, “शिकायतकर्ता ने एफआईआर में बताया है कि चेतन और सिया दोस्त थे। यह बात मेरे लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि अगर शिकायतकर्ता और परिजनों को उनकी दोस्ती के बारे में जानकारी थी और यह एक सामान्य दोस्ती थी, तो उस पर कोई आपत्ति नहीं की गई। यदि यह सामान्य दोस्ती नहीं होती तो संभव है कि इस पर आपत्ति जताई जाती।”

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