नई दिल्ली। नेपाल में आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है, जिसे 2015 के विनाशकारी भूकंप के बाद देश की दूसरी सबसे बड़ी त्रासदी माना जा रहा है। एक समाचार एजेंसी के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय संस्था कोरस इंटरनेशनल ने इस आपदा पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए भारत और अमेरिका समेत पूरी दुनिया से तत्काल मदद की अपील की है।
कोरस इंटरनेशनल की मानवीय मामलों की प्रमुख अधिकारी तमारा डेमुरिया ने कहा कि इस तबाही का असर आंकड़ों से कहीं ज़्यादा है, क्योंकि कई परिवारों ने अपना सब कुछ खो दिया है। उन्होंने कहा, “यह शायद 2015 के बाद से दूसरी सबसे बड़ी तबाही है… कुछ परिवारों ने सब कुछ खो दिया है। इसलिए मुझे लगता है कि चाहे वह भारत हो, अमेरिका हो या कोई और देश या दान देने वाले, यह सबसे अच्छा समय है कि हम सब मिलकर लोगों के एक समुदाय के तौर पर जरूरतमंदों की मदद करें। यह सबसे जरूरी समय है।”
तमारा डेमुरिया ने उन इलाकों का दौरा किया जहां उनकी संस्था ने 2015 के भूकंप के बाद भी काम किया था। उन्होंने बताया कि नदी के किनारे उत्तर तक के दौरे के बाद उन्होंने जो मंज़र देखा, वह बेहद चिंताजनक है। उनके मुताबिक, “घर बह गए हैं, सोलर पैनल पूरी तरह से पानी में बह गए हैं, और बहुत सारी आजीविकाएं खत्म हो गई हैं।” हालात के जल्द सामान्य होने के कोई आसार नहीं दिख रहे हैं।
डेमुरिया ने इस बात पर भी चिंता जताई कि भूकंप के बाद से इन इलाकों में अंतरराष्ट्रीय संगठनों की मौजूदगी और उनके काम में कमी आई है। उन्होंने कहा कि मौजूदा स्थिति में बचाव और राहत कार्यों के लिए तत्काल एकजुट प्रयासों की आवश्यकता है।

