उत्तर कोरिया ने बढ़ाई तोपखाना और मिसाइल ताकत, किम जोंग उन ने देखी सैन्य क्षमता

korea

नई दिल्ली। उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन ने देश की तोपखाना और मिसाइल ताकत को आधुनिक बनाने के लिए कई हथियार प्रणालियों के परीक्षण की निगरानी की। सरकारी समाचार एजेंसी कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (केसीएनए) ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी।

रिपोर्ट के मुताबिक, गुरुवार को हुए इन परीक्षणों में अपग्रेड किया गया 240 मिमी कैलिबर का 24-ट्यूब मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम, टैक्टिकल बैलिस्टिक मिसाइल और 155 मिमी सेल्फ-प्रोपेल्ड गगन-होवित्जर के लंबे रेंज वाले गोले शामिल थे।

स‍िन्हुआ समाचार एजेंसी के अनुसार, अपग्रेड किए गए रॉकेट लॉन्चर सिस्टम में ऑटोमैटिक फायर कंट्रोल सिस्टम और खुद लक्ष्य तक पहुंचने वाली सटीक गाइडेंस तकनीक लगाई गई है। इसकी मारक क्षमता अब बढ़कर 90 किलोमीटर हो गई है। वहीं, टैक्टिकल बैलिस्टिक मिसाइल में ऐसा खास वारहेड लगाया गया है, जिसे दुश्मन के बड़े ठिकानों जैसे हवाई अड्डों, बंदरगाहों और बिजली संयंत्रों को भारी नुकसान पहुंचाने के लिए तैयार किया गया है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि 155 मिमी गन-होवित्जर के 65 किलोमीटर तक मार करने वाले नए गोले का सफल परीक्षण सैन्य दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है।

वर्कर्स पार्टी ऑफ कोरिया के महासचिव और डीपीआरके (उत्तर कोरिया) के राज्य मामलों के अध्यक्ष किम जोंग उन ने कहा कि ये परीक्षण इस बात का सबूत हैं कि उत्तर कोरिया ने अपनी सैन्य ताकत को आधुनिक बनाने में बड़ी तकनीकी प्रगति की है। उन्होंने कहा कि अब हथियारों को और अधिक स्वचालित, लंबी दूरी तक मार करने वाला और बेहद सटीक बनाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि देश की आत्मरक्षा नीति सिर्फ अपनी सुरक्षा मजबूत करने के लिए नहीं है, बल्कि इतनी ताकतवर और विनाशकारी हमला करने की क्षमता विकसित करने के लिए भी है कि कोई भी दुश्मन उत्तर कोरिया का सामना करने की हिम्मत न करे। उनके मुताबिक, यही देश की रक्षा नीति और सैन्य रणनीति का अहम हिस्सा है।

कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, इससे पहले मंगलवार को किम जोंग उन ने नाम्फो बंदरगाह पर उत्तर कोरिया के नए बहुउद्देश्यीय युद्धपोत ‘चोए ह्योन’ के आधिकारिक रूप से नौसेना में शामिल होने के समारोह में भी हिस्सा लिया।

रिपोर्ट के अनुसार, करीब 14 महीने तक चले परीक्षणों के बाद इस युद्धपोत की सभी क्षमताओं का आकलन किया गया और फिर इसे आधिकारिक तौर पर नौसेना में शामिल कर लिया गया।

किम जोंग उन ने कहा कि उत्तर कोरिया की नौसेना में हो रहा बदलाव सिर्फ बड़े जहाजों या नई तकनीक तक सीमित नहीं है।

उन्होंने कहा कि सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब नौसेना की भूमिका, जिम्मेदारियां और उसके संचालन का क्षेत्र पहले से अलग और कहीं ज्यादा व्यापक हो गया है। इसी वजह से भविष्य में उसके परिणाम भी अलग और अधिक प्रभावशाली होंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर कोरिया की नौसेना अब ऐसी आधुनिक सैन्य शाखा बन रही है, जो रणनीतिक हथियारों से लैस है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *