नई दिल्ली। ईरान के अमेरिकी तेल टैंकरों पर किए हमले के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ता नजर आने लगा है. रिपोर्ट बताती है कि अमेरिका ने ईरानी तेल की बिक्री के लाइसेंस को निरस्त कर दिया है. कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि होर्मुज पर ईरान का हमला बिल्कुल भी स्वीकार नहीं किया जाएगा.
एक न्यूज पेपर की रिपोर्ट के अनुसार यह फैसला बीते दिनों हुए तेल कंटेनर पर हुए मिसाइल हमले के बाद लिया गया. तीन तेल के कंटेनर पर अज्ञात मिसाइलों से हमला किया गया था. रिपोर्ट में यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) के एक बयान का हवाला दिया गया है. तेहरान की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई और न ही किसी ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है.
अमेरिकी राष्ट्रपति और उनकी सरकार ने इस बात की बार-बार पुष्टि की है कि तेहरान का अच्छा व्यवहार ही समझौते को सही दिशा में ले जा सकता है. साथ ही ईरान को समझौते का लाभ भी तभी मिल सकेगा.
अमेरिकी अधिकारियों ने कड़ी चेतावनी दी है कि ईरान द्वारा अपनाया गया हमले का रुख गंभीर परिणाम दे सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी डिप्लोमैट्स दोनों देशों के बीच शांति स्थापित करने के लिए लगातार बातचीत कर रहे हैं.
एक रिपोर्ट के अनुसार, हमलों और अमेरिकी प्रतिक्रिया ने वाशिंगटन और तेहरान के बीच राजनयिक समझ के भविष्य को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं. आशंका है कि आगे तनाव बढ़ने से व्यापक समझौते पर बातचीत में बुरा असर पड़ सकता है.
मीडिया रिपोर्ट में बताया गया कि दोनों देशों के बीत तय समझौते में ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर सीमाएं और प्रतिबंधों में राहत शामिल थी. इस समझौते में ईरानी तेल के निर्यात पर लगे प्रतिबंधों को ढील देना शामिल था. समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर के बाद अमेरिकी वित्त विभाग ने 21 जून के बाद ईरान के कच्चे तेल पर लगे कई प्रतिबंध हटा दिए थे. जो 21 अगस्त तक लागू रहेंगे.

