मनोज जरांगे के आंदोलन वापस लेने के फैसले का संजय निरुपम ने किया स्वागत, कहा- मिलेगा न्याय

Sanjay

नई दिल्ली। शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने कहा है कि भारत सेमीकंडक्टर चिप उत्पादन के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और अब इसका दूसरा चरण शुरू हो गया है। देश सेमीकंडक्टर चिप निर्यातक बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है और आने वाले समय में दुनिया के बड़े देशों के मुकाबले खड़ा होगा।

निरुपम ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक और कंप्यूटर क्रांति के केंद्र में सेमीकंडक्टर चिप की महत्वपूर्ण भूमिका है। एक समय भारत तकनीकी रूप से महत्वपूर्ण वस्तुओं के लिए आयात पर निर्भर था, लेकिन अब देश में बड़े पैमाने पर सेमीकंडक्टर उत्पादन हो रहा है। एक दर्जन से अधिक कंपनियां सेमीकंडक्टर चिप के उत्पादन से जुड़ी हैं और इस क्षेत्र में दूसरे चरण का उत्पादन शुरू हो गया है। उन्होंने इसे भारत की बड़ी उपलब्धि बताते हुए इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया।

महाराष्ट्र के सूखा प्रभावित इलाकों और किसानों की समस्याओं पर शरद पवार की ओर से उठाए गए मुद्दों को लेकर निरुपम ने कहा कि शरद पवार महाराष्ट्र के वरिष्ठतम नेताओं में से एक हैं। अगर उनके पास सूखा प्रभावित क्षेत्रों में किसानों की परेशानियों से जुड़ी कोई जानकारी आई है तो उनके पत्र का संज्ञान लिया जाएगा। महाराष्ट्र सरकार, मुख्यमंत्री और दोनों उपमुख्यमंत्री सूखा प्रभावित इलाकों में किसानों को हो रही परेशानियों को दूर करने के लिए आगे की योजना बनाएंगे।

दिशा सालियान मामले पर निरुपम ने कहा कि उनकी मौत रहस्यमय परिस्थितियों में हुई थी। उन्होंने मामले में कई गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इसकी निष्पक्ष और गंभीरता से जांच होनी चाहिए। निरुपम ने विपक्ष पर मामले को लेकर राजनीतिक माहौल बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने से पहले किसी को क्लीन चिट नहीं दी जा सकती और न ही जांच को राजनीतिक साजिश बताकर खारिज करना उचित है। उन्होंने आदित्य ठाकरे का जिक्र करते हुए कहा कि अगर वह निर्दोष हैं तो उन्हें जांच एजेंसी के सामने जाकर बेगुनाही से जुड़े सबूत पेश करने चाहिए। जांच के बाद ही पता चलेगा कि दिशा सालियान मामले की वास्तविकता क्या है।

निरुपम ने कहा कि किसी व्यक्ति को जांच से पहले निर्दोष घोषित करना उचित नहीं है। उन्होंने मामले में राजनीतिक साजिश के आरोपों को भी खारिज किया और कहा कि जांच एजेंसी को काम करने देना चाहिए।

मराठा आरक्षण आंदोलन को लेकर संजय निरुपम ने मनोज जरांगे पाटिल के अनशन और आंदोलन वापस लेने के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र सरकार मराठा युवाओं को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और राज्य सरकार मराठा युवाओं की चिंताओं को लेकर गंभीर हैं। उन्होंने मुंबई में गणपति उत्सव का जिक्र करते हुए कहा कि इस दौरान पुलिस पर सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने का काफी दबाव रहता है। ऐसे समय में आंदोलनकारियों के मुंबई पहुंचने से पुलिस-प्रशासन पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *