नई दिल्ली। आकलन वर्ष 2026-27 के लिए टैक्स ऑडिट रिपोर्ट को निर्धारित समय सीमा के भीतर पोर्टल पर अपलोड करने को लेकर आयकर विभाग ने सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, विभाग ने देश भर के लगभग 12,000 कर पेशेवरों (चार्टेड अकाउंटेंट्स और टैक्स प्रोफेशनल्स) को सीधे तौर पर एसएमएस और ई-मेल के जरिए त्वरित रिमाइंडर भेजे हैं, ताकि वे बिना किसी विलंब के अटकी हुई रिपोर्ट्स दाखिल कर सकें।
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, विभाग ने पहले ही कर ऑडिट रिपोर्ट दाखिल करने की आखिरी तारीख 30 सितंबर से बढ़ाकर 21 अक्टूबर कर दी थी। इसके बावजूद, अधिकारियों के संज्ञान में यह बात आई कि बड़ी संख्या में प्रोफेशनल्स ने अब तक अपनी रिपोर्ट जमा नहीं की है।
डेडलाइन करीब आते ही पोर्टल पर तकनीकी गड़बड़ियों या सर्वर डाउन होने की समस्या से बचने के लिए विभाग चाहता है कि टैक्स प्रोफेशनल्स आखिरी तारीख का इंतजार किए बिना समय से पहले ही सारी औपचारिकताएं पूरी कर लें।
इस चेतावनी के बाद सीए और टैक्स कंसल्टेंट्स पर ऑडिट कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का दबाव बढ़ गया है, जिससे वित्तीय वर्ष के अनुपालन को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके।

