नई दिल्ली। माल एवं सेवा कर (GST) व्यवस्था के अंतर्गत देश के कारोबारी माहौल को और सुगम बनाने के लिए 1 नवंबर 2026 से कई महत्वपूर्ण प्रक्रियात्मक सुधार प्रभावी हो गए हैं। जीएसटी परिषद की 8 अक्टूबर 2026 को आयोजित 57वीं बैठक में लिए गए इन दूरगामी फैसलों का मुख्य उद्देश्य छोटे ई-कॉमर्स कारोबारियों की राह आसान करना, पंजीकरण प्रक्रिया को सरल बनाना, ऑटोमेटेड सिस्टम के जरिए रिफंड में तेजी लाना और आपूर्ति के बाद दी जाने वाली छूट के नियमों को लचीला बनाना है।
नए नियम 14B के तहत, अब उन छोटे विक्रेताओं को हर राज्य में अलग से भौतिक दुकान या कार्यालय खोलने की बाध्यता खत्म हो गई है, जहाँ वे सामान बेचते हैं।
जिन विक्रेताओं की मासिक आउटपुट टैक्स देनदारी / इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) पास ऑन करने की सीमा 2.5 लाख रुपये तक है, वे जिस ई-कॉमर्स कंपनी (जैसे अमेजन, फ्लिपकार्ट आदि) के जरिए सामान बेच रहे हैं, उसी के वेयरहाउस को उस राज्य में अपना ‘व्यवसाय का मुख्य स्थान’ घोषित करके जीएसटी नंबर हासिल कर सकते हैं।
इस ऐतिहासिक कदम से देश के लगभग 9.5 लाख छोटे ऑनलाइन विक्रेताओं को सीधे तौर पर फायदा होगा और वे अतिरिक्त दफ्तरी खर्च के बिना देश के कोने-कोने में अपने कारोबार का विस्तार कर सकेंगे।
जीएसटी पोर्टल पर पंजीकरण की प्रक्रिया को और अधिक यूजर-फ्रेंडली बना दिया गया है। फॉर्म GST REG-01 में ड्रॉप-डाउन लिस्ट और स्पष्ट गाइडलाइंस शामिल की गई हैं, जिससे कागजी त्रुटियों और आवेदनों के खारिज होने की संभावना न्यूनतम हो जाएगी।
नए सिस्टम के अंतर्गत, टैक्स अधिकारियों के हस्तक्षेप को कम करते हुए स्वचालित रिफंड की सुविधा शुरू की गई है। इलेक्ट्रॉनिक कैश लेजर में मौजूद अतिरिक्त राशि का रिफंड अब सिस्टम द्वारा सीधे जारी कर दिया जाएगा। इसके अलावा, जीरो-रेटेड सप्लाई और इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर के दावों का 90% प्रोविजनल रिफंड भी सिस्टम-आधारित रिस्क असेसमेंट के आधार पर तुरंत स्वीकृत होगा।
व्यापारियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करते हुए सरकार ने बिक्री के बाद दिए जाने वाले डिस्काउंट के कड़े नियमों में भी ढील दी है। अब कारोबारियों के लिए बिक्री से पहले लिखित समझौता होना या हर डिस्काउंट को विशिष्ट इनवॉइस से जोड़ना अनिवार्य नहीं रहेगा। इस बदलाव से वॉल्यूम-बेस्ड इंसेंटिव, ट्रेड स्कीम्स और ईयर-एंड रिबेट्स देने वाली कंपनियों व छोटे दुकानदारों को अपने व्यापारिक फैसले अधिक स्वतंत्रता से लेने में मदद मिलेगी।

