मध्य प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र: 7 दिसंबर से होगी 5 दिवसीय कार्यवाही, पूरी तरह ‘पेपरलेस’ और डिजिटल मोड में चलेगा सदन

Vidhansabha

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़ी एक बड़ी और अहम खबर सामने आ रही है। राज्य विधानसभा का आगामी शीतकालीन सत्र 7 दिसंबर से शुरू होने जा रहा है। पांच दिनों तक चलने वाले इस सत्र को लेकर विधानसभा सचिवालय द्वारा व्यापक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। खास बात यह है कि इस बार की पूरी विधायी कार्यवाही और सदन का कामकाज पूरी तरह से डिजिटल और पेपरलेस होगा, जो पर्यावरण संरक्षण और प्रशासनिक पारदर्शिता की दिशा में एक बड़ा कदम है।

7 दिसंबर से शुरू होने वाले इस सत्र में कुल पांच बैठकें होंगी, जिनके दौरान सरकार कई अहम वित्तीय और नीतिगत विधेयक, पूरक बजट और विभिन्न विभागों के प्रतिवेदन सदन के पटल पर रखेगी।

‘ई-विधान’ प्रणाली के तहत अब विधायकों को कागजी दस्तावेजों के बोझ से राहत मिलेगी। विधायक टैबलेट और डिजिटल स्क्रीन के माध्यम से अपने प्रश्न पूछेंगे, जवाब देखेंगे और संशोधनों पर चर्चा करेंगे। सचिवालय का दावा है कि इससे समय की बचत होगी और कार्यप्रणाली में अभूतपूर्व तेजी आएगी।

सत्र की अवधि भले ही छोटी (5 दिन) है, लेकिन राज्य के मौजूदा मुद्दों जैसे कानून-व्यवस्था, सफाई कर्मचारियों की हड़ताल, कृषि और विकास परियोजनाओं को लेकर सदन में तीखी नोकझोंक देखने को मिल सकती है। विपक्षी दल सरकार को घेरने के लिए विभिन्न मुद्दों पर स्थगन प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रहे हैं।

वहीं दूसरी ओर, सरकार भी अपनी उपलब्धियों और नए ग्रीनफील्ड कॉरिडोर जैसी विकास योजनाओं के एजेंडे को मजबूती से सदन में रखने के लिए पूरी तरह तैयार है।

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