पुणे: महिला समूहों की 5.69 लाख रुपये की रकम गबन मामले में आरोपी वसूली अधिकारी को जमानत

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नई दिल्ली। पुणे जिले के इंदापुर तालुका के भिगवण में महिला बचत समूहों के कर्ज की किस्तों के रूप में 66 महिलाओं से 5 लाख 69 हजार 508 रुपए वसूलने और यह रकम संस्था में जमा नहीं करने के मामले में आरोपी वसूली अधिकारी सुरेंद्र चंद्रकांत घोलप को अदालत से जमानत मिल गई है।

सी कॉमर्स मार्केट सर्विसेस प्राइवेट लिमिटेड की भिगवण शाखा के प्रबंधक सोमनाथ भोंडवे की शिकायत पर भिगवण पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था।

शिकायत के मुताबिक, सुरेंद्र घोलप को 14 मई 2025 को वसूली अधिकारी के तौर पर नियुक्त किया गया था। उन्हें महिला कर्जदारों से कर्ज की मूल राशि और ब्याज की किस्तें वसूल कर संस्था में जमा करने की जिम्मेदारी दी गई थी।

आरोप है कि 14 मई से 30 अक्टूबर 2025 के बीच 66 महिलाओं से कैश और ऑनलाइन माध्यम से कुल 5 लाख 69 हजार 508 रुपए वसूल किए गए, लेकिन यह रकम संस्था में जमा नहीं की गई। इस मामले में सुरेंद्र घोलप को 18 जून 2026 को गिरफ्तार किया गया था।

जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान आरोपी की ओर से दलील दी गई कि मामले की जांच पूरी हो चुकी है और आरोपपत्र भी दाखिल किया जा चुका है। बचाव पक्ष ने एफआईआर दर्ज करने में करीब आठ महीने की देरी का मुद्दा भी अदालत के सामने उठाया।

सुनवाई के दौरान इंदापुर न्यायालय ने इस बात पर गौर किया कि आरोपी के पास से रकम की कोई बरामदगी नहीं हुई है। मामले में 68 गवाह हैं, जिसके चलते मुकदमे की सुनवाई पूरी होने में काफी समय लगने की संभावना है।

मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 316 (4) लगाई गई है, जिसके तहत सात साल तक की सजा का प्रावधान है।

अदालत ने 29 सितंबर 2026 को सुरेंद्र चंद्रकांत घोलप को 50 हजार रुपए के पीआर बॉन्ड और एक जमानतदार की शर्त पर जमानत मंजूर की।

अदालत ने आरोपी को सबूतों से किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं करने और गवाहों पर दबाव नहीं डालने का निर्देश दिया है। इसके अलावा उसे सुनवाई की तारीखों पर नियमित रूप से अदालत में उपस्थित रहना होगा।

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