नई दिल्ली। देश के चार बड़े राज्यों-उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार और कर्नाटक की 28 विधान परिषद (MLC) सीटों पर हुए चुनावों के नतीजों ने देश की राजनीति में नया उबाल ला दिया है। स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की इन सीटों पर कांग्रेस पार्टी का खाता तक नहीं खुल सका। इस करारी हार के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा राजनीतिक हमला बोलते हुए उनका जमकर मजाक उड़ाया है।
चुनावी नतीजे सामने आते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक पोस्ट शेयर कर विपक्ष, खासकर कांग्रेस पर तंज कसा। उन्होंने लिखा: “4 बड़े राज्यों – उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार और कर्नाटक की 28 सीटों पर एमएलसी चुनाव हुए। चुनाव मतपत्र का इस्तेमाल करके कराए गए थे। अंदाजा लगाइए कांग्रेस ने कितनी सीटें जीतीं?”
पीएम मोदी की इस टिप्पणी का सीधा संदर्भ विपक्षी दलों द्वारा इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) पर उठाए जाने वाले सवालों और वापस ‘बैलेट पेपर’ से चुनाव कराने की लगातार की जा रही मांगों से था।
गृह मंत्री और भाजपा नेताओं का हमला प्रधानमंत्री के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव समेत भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने भी कांग्रेस को आड़े हाथों लिया।
गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर लिखा— “28 में से कितनी सीट जीतीं कांग्रेस ने? ‘0’। बैलेट बॉक्स, इस्तीफा दो।” उन्होंने इसके साथ एक व्यंग्यात्मक कार्टून भी साझा किया।
विशेष रूप से कर्नाटक में, जहाँ कांग्रेस की अपनी सरकार है, चारों विधान परिषद सीटों पर उसे हार का सामना करना पड़ा और भाजपा-जद(एस) गठबंधन ने परचम लहराया।
बिहार में नवगठित जन सुराज पार्टी ने भी एक सीट जीतकर अपना खाता खोला, जबकि वहां भी कांग्रेस शून्य पर ही सिमट कर रह गई।
विपक्ष और राहुल गांधी लंबे समय से ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करते हुए ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाते रहे हैं और मतपत्रों से चुनाव कराने की वकालत करते आ रहे हैं। ऐसे में बैलेट पेपर के जरिए हुए इन चुनावों में कांग्रेस के बेहद निराशाजनक प्रदर्शन को भाजपा ने एक बड़ा हथियार बना लिया है। भाजपा का तर्क है कि जनता का जनादेश जन-समर्थन पर निर्भर करता है, न कि इस बात पर कि चुनाव ईवीएम से हो रहे हैं या बैलेट पेपर से।

