नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में सर्दियों के साथ गहराते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए लागू ‘चरणबद्ध प्रतिक्रिया कार्य योजना’ (GRAP) के नियमों को सख्ती से लागू किया जा रहा है। दिल्ली की वायु गुणवत्ता को खराब होने से बचाने के लिए दिल्ली-एनसीआर की सीमाओं पर बीएस-6 मानकों से कम क्षमता वाले गैर-दिल्ली वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया है। इस अभियान के तहत दिल्ली यातायात पुलिस ने सोमवार को व्यापक स्तर पर चेकिंग अभियान चलाया।
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली में प्रवेश करने वाले सभी प्रमुख सीमावर्ती नाकों (आनंद विहार, कालिंदी कुंज, गुरुग्राम बॉर्डर, रजोकरी, और गाजीपुर बॉर्डर) पर विशेष टीमें तैनात की गईं। इस दौरान कुल 8,200 से ज्यादा वाहनों की जांच की गई।
जिन वाहनों के पास वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUCC) नहीं था या जो बीएस-3/बीएस-4 श्रेणी के थे, उन्हें दिल्ली की सीमा में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई। पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए ऐसे 1,200 से अधिक गैर-मानक वाहनों को यू-टर्न दिलाकर वापस सीमा से लौटा दिया।
नियमों का उल्लंघन करने, अनाधिकृत रूप से प्रवेश की कोशिश करने और बिना पीयूसीसी पाए जाने वाले वाहनों के मौके पर ही चालान काटे गए। यातायात पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि उनका उद्देश्य केवल चालान
दिल्ली में प्रवेश करने वाले प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों और मुख्य सड़कों पर बड़े-बड़े सूचना बोर्ड और बैनर लगाए गए हैं, जिन पर प्रतिबंधित वाहनों की जानकारी स्पष्ट रूप से प्रदर्शित की गई है।
सीमावर्ती जांच चौकियों पर वाहनों के चालकों को ग्रैप (GRAP) के नए दिशा-निर्देशों वाले पर्चे बांटे जा रहे हैं, ताकि वे अपनी गाड़ियों के मानक की जांच कर सकें।
दिल्ली यातायात पुलिस द्वारा सोशल मीडिया हैंडल्स, एफएम रेडियो, न्यूज चैनलों और प्रिंट मीडिया के माध्यम से लगातार ट्रैफिक एडवाइजरी और ग्रैप नियमों की जानकारी साझा की जा रही है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रदूषण की स्थिति सामान्य होने तक सीमाओं पर यह चेकिंग अभियान रोजाना इसी तरह सख्त रुख के साथ जारी रहेगा, ताकि राष्ट्रीय राजधानी में जहरीली हवा के स्तर को कम किया जा सके।

