इंदौर। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के विकास और नागरिक सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में महापौर पुष्यमित्र भार्गव की अध्यक्षता में सोमवार को महापौर परिषद की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस उच्चस्तरीय बैठक में शहर की सफाई व्यवस्था, जल संकट से बचाव, बुनियादी ढांचे के विकास और विज्ञापनों से जुड़े नियमों को लेकर कई बड़े और दूरगामी निर्णय लिए गए हैं।
शहर की स्वच्छता रैंकिंग और सफाई व्यवस्था को देश में अव्वल बनाए रखने के उद्देश्य से नगर निगम ने 3,000 नए स्वच्छता कर्मियों की नियुक्ति करने का फैसला किया है। इससे वार्डों और मोहल्लों में कचरा संग्रहण तथा सफाई कार्यों को और अधिक गति मिलेगी।
सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश के अनुपालन में, निगम ने 1,800 से अधिक कर्मचारियों को विनियमित करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। इसके साथ ही कर्मचारियों की वरिष्ठता और पात्रता को ध्यान में रखते हुए अन्य योग्य कर्मचारियों को भी चरणबद्ध तरीके से नियमित किया जाएगा।
इस महत्वपूर्ण एमआईसी बैठक में निगमायुक्त क्षितिज सिंघल, महापौर परिषद के सभी सदस्य (राजेंद्र राठौर, अश्विनी शुक्ल, राजेश उदावत, नंदकिशोर पहाड़िया, अभिषेक शर्मा, जीतू यादव, प्रिया डांगी, मनीष शर्मा ‘मामा’) और निगम के सभी अपर आयुक्त प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
बैठक में नई जल नीति पर विशेष जोर दिया गया, जिसके तहत बाहरी जल स्रोतों पर निर्भरता कम करने, भूजल स्तर में सुधार करने, गंदे पानी के उपचार और पुनरुपयोग को बढ़ावा देने तथा झीलों और तालाबों जैसे प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण की रूपरेखा तैयार की गई।
शहर के हर घर तक सुगम तरीके से पेयजल पहुँचाने के लिए टैंकर व्यवस्था को आधुनिक बनाया जा रहा है। इसके तहत 300 लीटर क्षमता के 11 नए इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) ट्रक टैंकर और 8,000 लीटर क्षमता के 22 नए सीएनजी ट्रक टैंकर खरीदे जाएंगे।
गर्मियों या संभावित जल संकट से निपटने के लिए शहर में 300 नए बोरिंग कराने, 100 बोरिंग पर नए मोटर पंप लगवाने और आवश्यकतानुसार अधिक क्षमता (हाई हेड) वाले मोटर पंप स्थापित करने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई।
शहर में किराए पर चलने वाले पानी के टैंकर संचालकों को अब कड़े निर्देश दिए गए हैं कि उन्हें सात दिन के भीतर लीकेज की समस्या का समाधान करना होगा, अन्यथा उनके खिलाफ भारी पेनल्टी लगाई जाएगी। इसके अलावा, नागरिकों को राहत देने के लिए 12 नवंबर से 21 दिवसीय ‘अवैध से वैध नल कनेक्शन’ अभियान चलाया जाएगा।
शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने और दुर्घटनाओं या बाधाओं से बचने के लिए निर्णय लिया गया है कि अब शहर में नए यूनिपोल नहीं लगाए जाएंगे। इसके स्थान पर नागरिकों और यातायात की सुविधा के लिए 140 नई गेंट्री का निर्माण किया जाएगा। मार्केट विभाग गाइडलाइन के तहत इनका संचालन करेगा और विज्ञापन प्रसारण के लिए निर्धारित शुल्क वसूला जाएगा।
सरवटे बस स्टैंड से जूनी इंदौर ब्रिज और चंद्रभागा होते हुए मच्छी बाजार चौराहे तक की शेष सड़क के विकास कार्य के लिए दोबारा निविदा जारी की जाएगी।
इसके अतिरिक्त, एयरपोर्ट रोड से एमआर-5 (MR-5) को जोड़ने वाली लिंक रोड के विकास तथा एमआर-5 पर टाटा स्टील चौराहे से छोटा बांगड़दा गांव तक सड़क निर्माण के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गई है।

