नई दिल्ली। काला सागर में रोमानियाई समुद्री सीमा के निकट एक रासायनिक टैंकर ‘यारा जे’ पर हुए संदिग्ध ड्रोन हमले के बाद राहत भरी खबर सामने आई है। हमले में निशाना बना यह व्यापारिक जहाज आखिरकार रोमानिया के प्रमुख ‘कॉन्स्टांटा बंदरगाह’ पर सुरक्षित रूप से पहुंच गया है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस टैंकर पर तैनात सभी नौ भारतीय नाविक पूरी तरह से सुरक्षित और सकुशल हैं।
रोमानिया की राजधानी बुखारेस्ट स्थित भारतीय दूतावास ने शनिवार को आधिकारिक सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट के जरिए इस घटना की विस्तृत जानकारी साझा की।
घटना की जानकारी मिलते ही रोमानिया में भारत के राजदूत मनोज कुमार मोहापात्रा ने तत्परता दिखाते हुए रोमानियाई खोज एवं बचाव एजेंसियों से सीधा संवाद स्थापित किया। इनमें ‘एसएआर रोमानिया’ और ‘एमआरसीसी कॉन्स्टांटा’ जैसी शीर्ष एजेंसियां शामिल हैं। इसके साथ ही उन्होंने टैंकर ‘यारा जे’ के मुख्य सुरक्षा अधिकारी और भारतीय दल के सदस्यों से भी बात कर उनका हालचाल जाना।
भारतीय मिशन ने स्पष्ट किया कि जहाज पर मौजूद सभी नौ भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और उन्हें हर संभव प्रशासनिक व कूटनीतिक सहायता पहुंचाई जा रही है। राजदूत मोहापात्रा ने नाविकों को भारत सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग और सुरक्षा का भरोसा दिलाया है।
संदिग्ध ड्रोन हमले के बाद जहाज में आग लग गई थी, जिसे क्रू मेंबर्स ने तत्परता दिखाते हुए नियंत्रित कर लिया। जहाज के इंजन कार्यशील रहे और वह सुरक्षित तरीके से कॉन्स्टांटा बंदरगाह तक पहुंच सका, जहां विशेषज्ञों की टीम क्षति का तकनीकी आकलन कर रही है।
अंतरराष्ट्रीय नौवहन क्षेत्र में भारतीय नाविकों का बड़ा योगदान है। हाल के महीनों में काला सागर और लाल सागर जैसे संवेदनशील समुद्री मार्गों में व्यापारिक जहाजों पर ड्रोन और मिसाइल हमलों की घटनाएं बढ़ी हैं। ऐसे दौर में भारतीय कूटनीतिक तंत्र लगातार रोमानियाई और क्षेत्रीय सुरक्षा अधिकारियों के समन्वय में है, ताकि प्रभावित क्षेत्र से गुजरने वाले भारतीय समुद्री कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

