भोपाल। मध्यप्रदेश की राज्य सरकार पर में एक मंत्री को विभाग से हटाए जाने के बाद विपक्षी दल कांग्रेस ने सीएम को पत्र लिखा है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी की ओर से लिखे गए इस पत्र में लिखा है , यह जानकर आश्चर्य हुआ कि आपने गौ-पालन एवं पशुपालन विभाग अपने पास रखने का निर्णय लिया है! लोकतंत्र में विभाग बदलना आपका अधिकार है, लेकिन जनता यह भी जानना चाहती है कि क्या विभाग बदलने से व्यवस्था भी बदलेगी?
आपके पास पहले से ही अनेक महत्वपूर्ण विभाग हैं! दुर्भाग्य यह है कि जिन विभागों की जिम्मेदारी सीधे मुख्यमंत्री के पास है, वे भी जनता की अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतर पा रहे हैं! अब जब पशुपालन विभाग भी आपने अपने पास ले लिया है, तो प्रदेश के किसान, पशुपालक और गौ-भक्त यह पूछने को विवश हैं कि क्या इस विभाग का भविष्य भी बाकी विभागों जैसा ही होगा?
जिस भारतीय जनता पार्टी ने वर्षों तक गाय को अपनी राजनीति का सबसे बड़ा प्रतीक बनाया, उसी के शासन में मध्य प्रदेश का गोवंश सबसे अधिक उपेक्षित है! प्रदेश की गौशालाओं में चारे, पानी, उपचार और संसाधनों का संकट लगातार सामने आता रहा है! किसानों की अतिरिक्त आय का माध्यम पशुपालन भी बढ़ती लागत, महंगे चारे और कमजोर सरकारी सहायता के कारण घाटे का सौदा बनता जा रहा है!
पटवारी ने अपने पत्र में लिखा है, आपकी ही सरकार ने विधानसभा में स्वीकार किया है कि पिछले दो वर्षों में बेसहारा गोवंश से जुड़े 237 सड़क हादसे हुए, जिनमें 94 लोगों की मृत्यु और 133 लोग घायल हुए। यह आंकड़ा नहीं, प्रशासनिक विफलता का दस्तावेज है! प्रदेश सरकार स्वयं यह भी स्वीकार करती है कि एक गौशाला में एक गोवंश के पालन पर प्रतिदिन लगभग ₹70 का व्यय आता है, जबकि अनुदान इससे काफी कम है! ऐसे में गौशालाओं के संचालकों और गोवंश दोनों की स्थिति का अनुमान सहज लगाया जा सकता है!
मुख्यमंत्री, धर्म केवल नारों से नहीं, दायित्व निभाने से चलता है। सनातन संस्कृति केवल भाषणों में नहीं, गौवंश की सुरक्षा, किसानों की समृद्धि और पशुपालकों के सम्मान से जीवित रहती है! यदि आपने यह विभाग केवल फाइलों में जोड़ने के लिए अपने पास रखा है, तो इससे प्रदेश का कोई भला नहीं होगा! लेकिन, यदि वास्तव में आपने इसकी जिम्मेदारी स्वीकार की है, तो आपसे आग्रह है कि गौशालाओं की वास्तविक स्थिति मध्य प्रदेश की जनता से साझा करें, पशुपालकों के लिए राहत पैकेज घोषित करें, छुट्टा गोवंश की समस्या के स्थायी समाधान की समयबद्ध कार्ययोजना सार्वजनिक करें तथा किसानों की फसलों और सड़क दुर्घटनाओं में हुए नुकसान के लिए प्रभावी मुआवजा एवं जवाबदेही सुनिश्चित करें! कांग्रेस नेता ने ये भी कहा है कि मध्य प्रदेश की जनता अब विभागों का हस्तांतरण नहीं, परिणामों का परिवर्तन देखना चाहती है!

