सीएम मोहन यादव ने भोपाल मास्टर प्लान 2047 के मसौदे की सराहना की, कांग्रेस ने सरकार के दावे पर सवाल उठाए

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भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने शनिवार को भोपाल विकास योजना 2047 का मसौदा जारी कर राज्य की राजधानी के सुनियोजित विकास के लिए लंबे समय से प्रतीक्षित नई योजना का अंत किया।

यह मसौदा भोपाल में वर्षों से राजनीतिक विवाद का विषय रहा है। अब अंतिम मास्टर प्लान को अधिसूचित किए जाने से पहले आपत्ति और आपत्तियों के चरण में प्रवेश कर गया है, जबकि कांग्रेस ने मसौदा जारी करने को लेकर सरकार के दावे पर सवाल उठाए हैं।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि भोपाल विकास योजना 2047 का उद्देश्य राजधानी को एक हरित, समृद्ध और समावेशी शहर के रूप में विकसित करना है।

सीएम यादव ने सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म एक्‍स पर एक पोस्ट में कहा, “भोपाल विकास योजना 2047 का उद्देश्य भोपाल को एक हरित, समृद्ध और समावेशी शहर के रूप में विकसित करना है।”

उन्होंने कहा कि सरकार जन प्रतिनिधियों, व्यापारियों, नागरिकों और अधिकारियों के आपसी सहयोग और समन्वय से इस योजना को आगे बढ़ाएगी।

सीएम ने कहा कि शहर के भविष्य के विकास के लिए प्रस्तावित विकास ढांचे को आकार देने में समाज के विभिन्न वर्गों की भागीदारी महत्वपूर्ण होगी।

मसौदे के जारी होने पर कांग्रेस की ओर से राजनीतिक प्रतिक्रिया आई, जिसमें भोपाल विधायक आरिफ मसूद ने आरोप लगाया कि सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद ही इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाया है।

मसूद ने आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा, “इसे लागू करने का श्रेय लेने पर उन्हें (भाजपा को) शर्म आनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद ही इसका मसौदा जारी किया गया। अब, आपत्तियों और दावों के लिए तीन महीने का समय दिया जाएगा।”

पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता पीसी शर्मा ने भी इस बात पर जोर दिया कि सरकार ने केवल मसौदा जारी किया है, अंतिम मास्टर प्लान नहीं।सरकार

भोपाल से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शर्मा ने आईएएनएस से कहा, “अंतिम मास्टर प्लान अभी तक जारी नहीं किया गया है; केवल मसौदा जारी किया गया है। इसके लिए मैं मुख्यमंत्री का धन्यवाद करता हूं।”

कांग्रेस नेता ने दावा किया कि 2031 का मास्टर प्लान कांग्रेस सरकार के 15 महीने के कार्यकाल में तैयार किया गया था और योजना जारी करने में देरी के विरोध में अपने 31 घंटे के अनशन को याद किया।

शर्मा ने नागरिकों और व्यापारियों से मसौदे का अध्ययन करने और अपने सुझाव और आपत्तियां प्रस्तुत करने का आग्रह किया, साथ ही कहा कि कांग्रेस भी प्रस्तावित योजना पर अपने विचार रखेगी।

इस योजना के जारी होने का कई व्यापारी और व्यावसायिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने स्वागत किया और सीएम यादव के आवास पर उनसे मिलकर आभार व्यक्त किया।

जिला अध्यक्ष रविंद्र यति के नेतृत्व में, क्रेडाई, चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज, कोलार ट्रेडर्स फेडरेशन, कोलार बुलियन ट्रेडर्स एसोसिएशन, न्यू मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन और संत हिरदाराम नगर ट्रेडर्स एसोसिएशन के 100 से अधिक प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया।

व्यापारियों ने मास्टर प्लान को भोपाल के लिए अत्यंत आवश्यक बताया और सरकार से अगले वर्ष के ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से पहले अंतिम योजना जारी करने का आग्रह किया। उनका कहना था कि इससे शहर में निवेश और सुनियोजित विकास को लाभ होगा।

उन्होंने सरकार को यह आश्वासन भी दिया कि कारोबारी समुदाय भोपाल के विकास में सक्रिय भागीदार के रूप में काम करेगा। राज्य मंत्री और गोविंदपुरा (भोपाल) से भाजपा विधायक कृष्ण गौर ने कहा कि मास्टर प्लान से भोपाल एक आदर्श राजधानी के रूप में उभरेगा और उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मोहन यादव सरकार अपने वादों को पूरा कर रही है।

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