राहुल गांधी के बालाघाट दौरे में सुरक्षा चूक का आरोप, कांग्रेस ने गृह मंत्री शाह को लिखा पत्र

Rahul

भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के 1 अक्टूबर को हुए बालाघाट दौरे के दौरान कथित सुरक्षा और प्रोटोकॉल संबंधी चूक की जांच कराने की मांग की।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के भोपाल दौरे से कुछ घंटे पहले उठाए गए इस मुद्दे में पटवारी ने बालाघाट जिले के जगला गांव में राहुल गांधी के कार्यक्रम के दौरान जिला प्रशासन और पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए।

पटवारी ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम की पूर्व सूचना होने के बावजूद बालाघाट कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक कार्यक्रम स्थल पर मौजूद नहीं थे। उन्होंने 29 सितंबर को बालाघाट पुलिस की ओर से बैहर विधायक और जिला कांग्रेस अध्यक्ष संजय उइके को भेजे गए पत्र का भी हवाला दिया।

इस पत्र में पुलिस ने राहुल गांधी के प्रस्तावित दौरे को लेकर अपेक्षित भीड़, स्वयंसेवकों, पार्किंग व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और राहुल गांधी से मिलने वाले लोगों की सूची समेत अन्य जानकारियां मांगी थीं। पत्र में क्षेत्र को संवेदनशील और पूर्व नक्सल प्रभावित इलाका भी बताया गया था।

पटवारी ने शुक्रवार को भोपाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि जब पुलिस को कार्यक्रम की जानकारी पहले से थी और उसने सुरक्षा से जुड़ी जानकारियां मांगी थीं, तो जिला प्रशासन या पुलिस को कार्यक्रम की जानकारी नहीं होने की बात गंभीर सवाल खड़े करती है।

उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्रालय से इस पूरे मामले पर तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगने के साथ ही मध्य प्रदेश सरकार से जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक की कथित अनुपस्थिति को लेकर लिखित स्पष्टीकरण देने की मांग की।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने यह भी पूछा कि क्या राहुल गांधी के दौरे के लिए कलेक्टर और एसपी का ड्यूटी चार्ट जारी किया गया था? उनकी अनुपस्थिति में जिम्मेदारियां निभाने के लिए क्या किसी अधिकारी को औपचारिक रूप से अधिकृत किया गया था और क्या संबंधित अधिकारियों ने इसके लिए पूर्व अनुमति ली थी।

पटवारी ने राहुल गांधी के दौरे के संबंध में हुई एडवांस सिक्योरिटी लाइजन (एएसएल) बैठकों और उनमें लिए गए फैसलों की जानकारी भी मांगी।

उन्होंने कहा कि इस मामले को राजनीतिक विवाद के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इसे नेता प्रतिपक्ष के सार्वजनिक दौरे के दौरान सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े मुद्दे के तौर पर देखा जाना चाहिए।

पटवारी ने कहा कि सरकारी अधिकारी किसी राजनीतिक दल से संबंधित नहीं होते, बल्कि वे जनता के सेवक हैं और संविधान तथा कानून के प्रति जवाबदेह हैं। उन्होंने गृह मंत्री से राहुल गांधी के दौरे से जुड़े सभी सुरक्षा और प्रोटोकॉल दस्तावेजों की समीक्षा करने तथा निर्धारित जिम्मेदारियों या लिखित निर्देशों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर कार्रवाई करने की मांग की।

राहुल गांधी ने गुरुवार को बालाघाट के जगला गांव का दौरा कर उन आदिवासी परिवारों से मुलाकात की थी, जिन्होंने बीमारी और कुपोषण से अपने बच्चों को खोया है। इस दौरान उन्होंने आदिवासी क्षेत्र में स्वास्थ्य, शिक्षा, मुआवजे और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दे भी उठाए।

पटवारी ने भविष्य में नेता प्रतिपक्ष और अन्य संवैधानिक या वैधानिक रूप से मान्यता प्राप्त उच्च पदों पर बैठे लोगों के दौरों के लिए स्पष्ट और एक समान प्रोटोकॉल सुनिश्चित करने की भी मांग की।

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