नई दिल्ली। इजराइल में मंगलवार को हुए 26वें नेसेट (संसदीय) चुनावों में जनता ने अभूतपूर्व मतदान उत्साह दिखाया। केंद्रीय चुनाव समिति द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, मतदान की प्रक्रिया के दौरान शुरुआती घंटों से ही मतदाताओं की भारी भीड़ देखी गई। शाम छह बजे तक ही लगभग 67 प्रतिशत पात्र मतदाता अपने वोट का इस्तेमाल कर चुके थे, जिसने देश के हालिया चुनावी इतिहास में नया रिकॉर्ड कायम कर दिया।
शाम के समय 67% का आंकड़ा पार करने के बाद, रात 10 बजे मतदान समाप्त होने तक कुल वोटिंग प्रतिशत 77.7 प्रतिशत तक पहुंच गया। यह वर्ष 1999 के बाद से इजराइल के संसदीय चुनावों में दर्ज किया गया सबसे अधिक मतदान प्रतिशत है।
इस चुनाव में अरबी बहुल और अति-रूढ़िवादी बस्तियों व शहरों में मतदान की गति बेहद तेज रही। कई क्षेत्रों में मतदान का आंकड़ा 80 से 85 प्रतिशत तक पहुंच गया।
बेंजामिन नेतन्याहू की साख दांव पर: प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और उनके दक्षिणपंथी गठबंधन के लिए यह चुनाव बेहद निर्णायक माना जा रहा है। उच्च मतदान को देखते हुए राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सत्ता पक्ष और विपक्षी गठबंधन के बीच कड़ा मुकाबला है।
120 सीटों वाली इजराइली संसद में बहुमत के लिए 61 सीटों की आवश्यकता होती है। मतदान प्रतिशत में हुई इस अप्रत्याशित बढ़ोतरी के बाद एग्जिट पोल और शुरुआती रुझानों में दोनों मुख्य धड़ों के बीच कांटे की टक्कर देखी जा रही है।
शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए इस मतदान के बाद अब पूरे देश और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें आधिकारिक मतगणना और नई सरकार के गठन के नतीजों पर टिकी हुई हैं।

