भोपाल। मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए दीपावली के आसपास का समय बेहद सौगात भरा रहा है। राज्य सरकार ने अपने लगभग 12 लाख शासकीय अधिकारियों-कर्मचारियों और पेंशनर्स के महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में दो प्रतिशत (2%) की वृद्धि कर दी है। इस बढ़ोतरी के बाद अब कर्मचारियों को 58% के बजाय 60 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ के माध्यम से इस बड़े फैसले की जानकारी साझा की, जिसके तुरंत बाद वित्त विभाग ने इसके औपचारिक आदेश भी जारी कर दिए।
कर्मचारियों के लिए यह बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता जनवरी 2026 से देय होगा। इसका मतलब है कि इस साल की शुरुआत से ही गणना की जाएगी।
राज्य के पेंशनभोगियों के लिए महंगाई राहत (DR) में भी 2 प्रतिशत की वृद्धि की गई है, हालांकि पेंशनर्स के लिए यह इसी वर्ष जुलाई 2026 से लागू होगी।
कर्मचारियों को अक्टूबर माह के वेतन (जो नवंबर में मिलेगा) से बढ़े हुए डीए का नकद भुगतान शुरू हो जाएगा।
इस दो प्रतिशत की बढ़ोतरी से मध्य प्रदेश सरकार के खजाने पर सालाना लगभग 900 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा।
कर्मचारियों को 1 जनवरी 2026 से लेकर 30 सितंबर 2026 तक यानी कुल 9 महीनों के बकाए का भुगतान तीन समान मासिक किस्तों में किया जाएगा।
वित्त विभाग के आदेश के अनुसार, सातवां वेतनमान पा रहे कर्मचारियों में श्रेणी के हिसाब से फायदा मिलेगा—
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को कम से कम 310 रुपये प्रतिमाह तक का सीधा लाभ होगा।
प्रथम श्रेणी के उच्च अधिकारियों को वेतन वृद्धि के चलते लगभग 3,500 रुपये तक का अतिरिक्त लाभ मिल सकता है।
एक जनवरी से 30 सितंबर 2026 के बीच जो कर्मचारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं या जिन कर्मचारियों का निधन हो गया है, उनके नामांकित सदस्य को बकाया एरियर की राशि का एकमुश्त भुगतान किया जाएगा।
इससे पहले प्रदेश के 7 लाख से अधिक कर्मचारियों को जुलाई 2025 से 58% की दर से डीए मिल रहा था। हालांकि, केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों के लिए जनवरी 2026 से ही डीए बढ़ाकर 60% कर दिया था और बाद में इसे और बढ़ाकर 63% तक पहुंचा दिया था, जिसके चलते मध्य प्रदेश के कर्मचारी भी लगातार इसके बराबर डीए किए जाने की मांग कर रहे थे। राज्य सरकार के इस ताजा फैसले से कर्मचारियों में खुशी की लहर है।

