नई दिल्ली। वैश्विक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सेमीकंडक्टर क्षेत्र की सबसे दिग्गज अमेरिकी कंपनी एनवीडिया को लेकर एक बेहद चौंकाने वाली और अंतरराष्ट्रीय जासूसी से जुड़ी रिपोर्ट सामने आई है। एक प्रतिष्ठित अमेरिकी समाचार पत्र में प्रकाशित एक खोजी रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को संदेह है कि एक प्रमुख चीनी महिला कारोबारी ने एनवीडिया के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) जेन्सेन हुआंग के साथ रणनीतिक रूप से करीबी संबंध बना लिए थे। आरोप है कि यह महिला चीन की शीर्ष खुफिया एजेंसियों से जुड़ी हुई थी और अमेरिकी टेक सेक्टर की अति-गोपनीय जानकारियां बीजिंग तक पहुँचा रही थी।
अमेरिकी खुफिया तंत्र के सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि आरोपी चीनी महिला कारोबारी ने टेक सम्मेलनों, निजी बैठकों और कारोबारी कार्यक्रमों के माध्यम से जेन्सेन हुआंग और अन्य उच्च अधिकारियों तक अपनी पहुँच बनाई। इस दौरान उसने कंपनी की भावी तकनीकों, एआई चिप डिजाइन और आपूर्ति श्रृंखला से जुड़ी संवेदनशील जानकारियां एकत्र कीं।
एजेंसियों का मानना है कि एकत्र की गई गोपनीय जानकारी चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (CCP) और वहां की राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों तक पहुंचाई जा रही थी, ताकि अमेरिका द्वारा लगाए गए तकनीकी प्रतिबंधों के बावजूद चीन अपनी सेमीकंडक्टर और एआई क्षमताओं को मजबूत कर सके।
इस रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए चीन सरकार और उसके वाशिंगटन स्थित दूतावास ने सभी आरोपों को पूरी तरह से बेबुनियाद और झूठा करार दिया है। चीन ने इसे अमेरिकी मीडिया और खुफिया एजेंसियों द्वारा अपनी साख को नुकसान पहुँचाने और “बदनाम करने की सोची-समझी कोशिश” बताया है।
टेक वार में नया मोड़: अमेरिका और चीन के बीच जारी टेक-वॉर के बीच यह खुलासा बेहद गंभीर माना जा रहा है। वर्तमान में एनवीडिया दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनियों में से एक है और उसके द्वारा बनाई जाने वाली एआई चिप्स पर वैश्विक डेटा सेंटरों की निर्भरता है।
इस खुलासे के बाद अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों ने सिलिकॉन वैली की प्रमुख टेक कंपनियों में विदेशी जासूसी और कॉर्पोरेट घुसपैठ को लेकर निगरानी और सुरक्षा समीक्षा और अधिक सख्त कर दी है।

