नई दिल्ली। बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने ऑलकार्गो लॉजिस्टिक्स लिमिटेड को लेकर एक अहम फैसला लिया है। सेबी ने शशि किरण शेट्टी फैमिली ट्रस्ट को कंपनी में 34.41 प्रतिशत हिस्सेदारी के प्रस्तावित अधिग्रहण के संबंध में ‘खुली पेशकश’ की अनिवार्यता से छूट प्रदान कर दी है। यह पूरा प्रशासनिक बदलाव कंपनी के मौजूदा प्रवर्तक शशि किरण जनार्दन शेट्टी की व्यक्तिगत होल्डिंग के तहत आने वाले 51.54 करोड़ शेयरों को इस नए पारिवारिक ट्रस्ट में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया से जुड़ा है।
यह अधिग्रहण बाजार से हिस्सेदारी खरीदने का सौदा न होकर, मुख्य प्रवर्तक (शशि किरण शेट्टी) द्वारा अपने पारिवारिक ट्रस्ट को शेयर ट्रांसफर करने की एक आंतरिक व्यवस्था है। आमतौर पर इस तरह के बड़े मालिकाना हक या शेयर ट्रांसफर पर सेबी के टेकओवर नियमों के तहत आम निवेशकों के लिए खुली पेशकश लाना अनिवार्य होता है।
नियामक ने इस छूट के साथ कुछ स्पष्ट निर्देश भी दिए हैं। प्रस्तावित लेनदेन को आदेश पारित होने के एक साल के भीतर पूरा करना अनिवार्य होगा, अन्यथा यह छूट स्वतः समाप्त हो जाएगी।
सेबी ने साफ किया है कि यह राहत केवल ‘ओपन ऑफर’ लाने के नियमों से दी गई है। इसके अलावा कंपनी और ट्रस्ट को अन्य सभी प्रकार के विनियामक खुलासों और भारतीय प्रतिभूति कानूनों के अन्य प्रावधानों का कड़ाई से पालन करना जारी रखना होगा।

