श्योपुर। मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले से वन्यजीव संरक्षण को लेकर एक बेहद चौंकाने वाली और गंभीर खबर सामने आई है। कूनो नेशनल पार्क के आसपास के वन क्षेत्र में एक चीते की शिकारी की गोली लगने से मौत होने की खबर से वन महकमे में हड़कंप मच गया है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, घायल पाए गए चीते के शरीर में छर्रे के तीन निशान मिले हैं, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि पैर में गंभीर रूप से घायल चीता शिकारियों की गोलीबारी का शिकार हुआ था। यद्यपि आधिकारिक तौर पर पुष्टि का इंतजार है, लेकिन प्राथमिक रिपोर्टों के अनुसार चीते की जान जा चुकी है।
घटना की संवेदनशीलता और राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित प्रोजेक्ट चीता से जुड़े होने के कारण उच्च स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। भोपाल से विशेष कार्य बल (STF) की टीम और शिवपुरी से डॉग स्क्वायड को तुरंत मौके पर भेजा गया है, जो घटनास्थल और आसपास के जंगल में साक्ष्य जुटाने में लगे हैं।
सूत्रों का कहना है कि जिस क्षेत्र में यह वारदात हुई है, वहां पहले भी शिकारियों द्वारा तेंदुओं का शिकार करने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिसको लेकर पूर्व में प्राथमिक अपराध रिपोर्ट (POR) दर्ज की गई थी। इसके बावजूद शिकारियों की सक्रियता पर अंकुश न लगना वन सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
एक तरफ जहां सूत्रों और स्थानीय स्तर पर चीते की मौत और गोली लगने की खबरें तेजी से फैल रही हैं, वहीं दूसरी तरफ यह आरोप भी लगाए जा रहे हैं कि वन विभाग के कुछ आला अधिकारी मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे दबाने का प्रयास कर रहे हैं।
कूनो नेशनल पार्क के अधिकारियों ने फिलहाल शिकारी की गोली से मौत की बात से इनकार किया है। अधिकारियों का कहना है कि चीते की वास्तविक स्थिति और स्वास्थ्य को लेकर अगले 72 घंटे तक कुछ भी स्पष्ट रूप से नहीं कहा जा सकता है और मेडिकल परीक्षण के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी।
कूनो में चीतों की सुरक्षा को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। अगर शिकारियों द्वारा चीते को निशाना बनाने की बात सच साबित होती है, तो यह देश के महत्वाकांक्षी चीता पुनर्वास प्रोजेक्ट के लिए एक बहुत बड़ा झटका साबित हो सकता है।

